5G | What is 5G in Hindi

What is 5G

हमारे देश में 5जी को लेकर लोगो के बीच चर्चाएं बहुत बढ़ गई है क्युकी भारत सरकार द्वारा 5G Spectrum की नीलामी की जा चुकी है ऐसे मे टेलीकॉम कंपनियों द्वारा जल्द ही 5G लॉन्च किया जा सकता है। लेकिन ऐसे मे बहुत से लोग है जिन्हे इस बात की जानकारी नहीं है की 5G क्या है ? इसके आ जाने से क्या फर्क पड़ेगा ?

साथ ही 5G की Speed कितनी होगी और इस 5G टेक्नोलॉजी से जुड़े बहुत सारे सवाल आपके मन मे होंगे। तो चिंता मत करिए इस आर्टिकल के जरिए हम आपको 5G Technology से संबंधित सारी जानाकारी प्रदान करेंगे।

Jio के आ जाने के बाद वर्ष 2016 मे उन्होंने फ्री मे अनलिमिटेड इंटरनेट और 4G कॉलिंग फीचर लॉन्च किया जिसके बाद फिर क्या था लोगों के बीच 4G टेक्नोलोजी का बहुत ही ज्यादा विस्तार हुआ। लेकिन अब अब लोगो के बीच जल्दी ही 4G नेटवर्क से भी 10 गुना ज्यादा तेज से 5G इंटरनेट स्पीड नेटवर्क आने वाला है।

5G क्या है | What is 5G in Hindi

5G का मतलब 5th Generation नेटवर्क होता है जो की वायरलेस कनेक्टिविटी पर आधारित है। और इसमें इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम यानी रेडियो वेव का इस्तेमाल होता है जो की Cellular नेटवर्क की नयी टेक्नोलॉजी है।

यह 5G नेटवर्क लॉन्ग टर्म इवोल्यूशन (LTE) का अपग्रेड है जो की तीन बैंड्स पर काम करता है पहला लो बैंड दुसरा मिड बैंड और तीसरा हाई फ्रीक्वेंसी बैंड और आपकी जानकारी के लिए बता दूं सरकार द्वारा इन्ही बैंड्स स्पेक्ट्रम की नीलामी की गई है।

Low Frequency में 600 मेगाहर्ट्ज, 700 मेगाहर्ट्ज, 800 मेगाहर्ट्ज, 900 मेगाहर्ट्ज, 1800 मेगाहर्ट्ज, 2100 मेगाहर्ट्ज, 2300 मेगाहर्ट्ज होते है जो की 4G जैसे ही है वही Medium बैंड 3300 मेगाहर्ट्ज की फ्रीक्वेंसी होगी और High बैंड की 26 गीगाहर्ट्ज की Frequency होगी। जिसके कारण आपको 5जी नेटवर्क मे 4जी की तुलना मे बहुत ही फास्ट इंटरनेट स्पीड मिलेंगी।

5G तकनीक कम दूरी मे ज्यादा डाटा Transmitting यानी संचारित करने में सक्षम होगा जो आने वाले समय में वर्चुअल रियलिटी, क्लाउड गेमिंग, ड्राइवरलेस कार, आभासी वास्तविकता (वीआर) और संवर्धित वास्तविकता (एआर) जैसे कई सारी नई तकनीक को भी आने वाले समय मे बहुत सक्षम बनाएगा।

जहां 4G नेटवर्क मुख्य तौर पर अपनी क्षमता पर केंद्रित होते हैं वहीं 5G नेटवर्क अपनी क्षमता और गति दोनों पर आधारित होंगे।


NETWORK LATENCY क्या है?

Network Latency को Computing की भाषा में एक प्रकार का Delay कहते है, ये एक Network मे Communication करने के समय Data की Transmitting या प्रॉसेसिंग करने के दौरान होती है। आसान भाषा मे नेटवर्क लेटेंसी को समझे तो जब हम अपने मोबाइल से इंटरनेट पर कुछ भी Search करते हैं तो रिजल्ट के Show करने मे आपके फोन और टारगेट सर्वर के बीच लगने वाला समय को NETWORK LATENCY कहते है।

डाटा संचारित करने में ज्यादा Delay ना हो इसके लिए 5G नेटवर्क मे एडवांस ऐन्टेना Technology द्वारा नयी Radio Frequency पर डेटा ट्रांसफर होगा जिससे डाटा की Transmitting स्पीड काफी बढ़ जाएगी जिसके कारण नेटवर्क लेटेंसी मे विलम्ब भी कम हो जायेगा और बहुत अच्छी कनेक्टिविटी भी मिलेगी।

5G में नेटवर्क मैनेजमेंट की विशेषता भी होगी जिससे Network Slicing द्वारा Mobile Operator एकमात्र 5G नेटवर्क में विभिन्न Virtual Network बना पाएंगे। जिससे  स्थिरता और Speed बनी रहेगी।

4G नेटवर्क में LATENCY 40ms (40 मिलीसेकेंड) की है वहीं 5G नेटवर्क में ये लेटेंसी कम हो कर 1ms तक हो सकता है यानी की आपके सर्च करतें ही रिजल्ट आपके सामने आ जाएगा।
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